हिसार। महिलाओं के साथ छेड़खानी आम बात है। कई खून का घूंट
पीकर रह जाती हैं तो कुछ मामूली विरोध के बाद शांत करवा दी जाती हैं। देशभर
में महिलाओं का सम्मान बहाल करने के लिए जनता में गुस्सा है तो हिसार भी
इस मुहिम में उनके साथ खड़ा है।
भास्कर ने शहर के तीन बड़े शिक्षण संस्थानों की 300 गल्र्स के बीच एक
सर्वे किया। सर्वे में शामिल गल्र्स 20 से लेकर 25 वर्ष की गर्ल्स शामिल
हुईं।
गर्ल्स से पांच सवाल पूछे गए। 90 प्रतिशत गर्ल्स ने अपने साथ छेड़खानी
की बात स्वीकारी। इनमें से अधिकतर का कहना था कि यह अक्सर ही होता रहता
है।
‘अंकल’ करते हैं छेड़खानी
सर्वे में एक सवाल के साथ ही एक उपसवाल भी शामिल था कि किस उम्र के
छेड़खानी के ज्यादातर मामले में जिम्मेदार होते हैं। इस सवाल के जवाब में
अधिकतर लड़कियों का जवाब था कि अंकल यानि बड़ी उम्र के लोग भी छेड़खानी
करते हैं। इसके बाद युवा आते हैं। बसों में कंडक्टर और ड्राइवर भी छेड़खानी
करने में पीछे नहीं रहते हैं। परिचित भी कभी कभार छेड़खानी करते हैं।
60 प्रतिशत ने चुप रहकर सहा
सर्वे में शामिल करीब 60 फीसदी गर्ल्स ने कहा कि छेड़खानी के बाद वे
चुप रहीं। अधिकतर लड़कियों ने छेड़खानी के बाद वहां से हट जाना ही उचित
समझा। घर जाकर भी करीब 70 फीसदी लड़कियों ने अपने साथ हुई छेड़खानी की घटना
किसी के साथ शेयर नहीं की।
अधिकतर लड़कियों ने कहा कि वे बदनामी के कारण ही चुप रहती हैं और
दूसरा बड़ा कारण पढ़ाई छुड़वाने का भय रहता है इसलिए घर पर किसी को नहीं
बताती। कई लड़कियों घरवालों को परेशानी से बचाने के लिए भी चुप रहना बेहतर
समझा।
अकेले बाहर जाने से बचते हैं
सर्वे में 300 लड़कियों में अधिकतर ने कहा कि वे अकेले बाहर जाने से
डरती हैं। अधिकतर लड़कियां छेड़खानी के लिए मानसिक रूप से भी तैयार रहते
हैं। स्कूटी पर लड़कियों से अक्सर छेड़खानी होती हैं। जैसे स्कूटी के साथ
साथ बाइक दौड़ना। दो तीन बाइक वालों का घेरकर चलना। पास में तेज हॉरन बजाना
और कमेंट पास करना तो रोज की ही बात है।
सेल्फ डिफेंस सीखा
छेड़खानी की घटनाओं से बच निकलने के रास्ते भी गर्ल्स खोज रही हैं।
अधिकतर को ग्रुप में घर जाना ज्यादा सुरक्षित लगता है। लंबी दूरी पर परिवार
के साथ जाना ठीक समझती हैं। कई लड़कियों ने सेल्फ डिफेंस सीखा है।
http://www.bhaskar.com/article/HAR-HIS-90-percent-girls-faced-eve-teasing-4124174-NOR.html?HT1=
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